lord Krishna podcast | Podcast Poetry | Suna Hai | Podcast Hindi #podcast | PDShow | Daki Pradip








 (For Motivation Purpose)

Join The Richdad Summit - By Robert Kiyosaki: https://83970pfa-7t5u0rij0i8f43sos.hop.clickbank.net/


Best Podcast gear ever mentioned:-
- Boya BYM1 Omnidirectional Lavalier Condenser Microphone with 20ft Audio Cable (Black): https://amzn.to/2WNq2hj
- AmazonBasics 50-Inch Lightweight Tripod with Bag: https://amzn.to/2WKwIMI
- Fifine K669B Metal USB Microphone: https://amzn.to/2V3vmfE
- Fifine T669 Condenser USB Microphone Kit with Adjustable Scissor Arm Stand Shock Mount: https://amzn.to/3yAvq4f
- Tygot Lightweight & Portable Portable 7 Feet (84 Inch) Long Tripod Stand with Adjustable Mobile Clip Holder: https://amzn.to/3t6K8z6
- Blue Yeti USB Microphone: https://amzn.to/2WDT0Qo

#dakipradip #podcast #it'sPDshow #lordKrishna #krishna सुना है कल कान्हा गोकुल छोड़ के मथुरा जा रहा है ! ( ये बात उस रात पूरे गोकुल में फैल गई, चारो ओर सन्नाटा छाया हुआ है, - ये अंधेरा इतना भयानक है, मानो गोकुल की हसती खेलती खुशियों को निगल रहा हो, - ये उदासी व्यथित मन को ओर भी व्यथित किए जा रही है, - किसी भी घर में आज दीपक नहीं जल रहा, गोकुल की हवाएं आज सुखी पड़ी है, - चारो ओर बस विरह का दुख ही दुख छलकता दिखाई दे रहा है, - प्राण हीन देह के जैसे सभी लोग पुतला बनके बैठे है, - ये शोक का वातावरण मानो आज गोकुल में घर कर गया हो, - आसुओं की एसी भयानक बाड पहले कभी नहीं आई, - मानो की ये आज सारा सुख चैन अपने साथ बहा ले जाएगी, - ये दर्द, ये दुख इतना प्रबल है कि आत्मा को अंदर तक जंजोड रहा है, - आज गाउ की गाए धान चरने भी नहीं गई, - किसी घर में एक अन्न का निवाला भी नहीं बना, - इतनी पीड़ा है यहां जो मन, मस्तिष्क और सोच के बाहर है, - आज गोकुल और मरघट दोनों में कोई फर्क नहीं दिखाई दे रहा। ) सुना है कल कान्हा गोकुल छोड़ के मथुरा जा रहा है, ( सारी गोप, ग्वालिनों में ये बात फैल गई, - सब एक दूसरे के घर जा रही है, - एक दूसरे को ये बात बता रही है, - मन में इतनी पीड़ा है, जो मूह से व्यक्त नहीं कर सकती, - वो सारी आपस में मिलके बाते कर रही है, - आंखो से निरंतर अश्रु को धारा बही जा रही है ) क्या...क्या तुमने सुना? ये बात सच है, की कान्हा हम सभी को छोड़ के मथुरा जा रहा है ! ( सभिका ह्रदय इस बात से बैठा जा रहा है। ) गाऊ में सभी लोग यही बाते कर रहे है, पर..पर मेरा मन नहीं मानता, कान्हा थोड़ी ना एसा करेगा ? वो हम सब को छोड़ कर कहीं नहीं जाएगा । जाना चाहे तो भी हम सब उसे नहीं जाने देगी, हम सब मिलके उसे रोकेगी, ओर...ओर मा यशोदा से भी बोलेगी.. कान्हा को जाने मत देना, हम सब कैसे जिएगी उसके बगैर ? ( दिल का दर्द आंखो से निकलता साफ दिखाई दे रहा है।) वो ही हमारा प्राण है, हमारी चेतना है, हमारी आत्मा है, अगर वो ही चला गया तो हम सब जीवित रहके क्या करेगी ? हमारा जीवन तो व्यर्थ हो जाएगा । हा...हा तुम सही कह रही हो, उसको किसने हक दिया कि वो हमारा दिल तोड़के हमसे दूर जाए ? पूछेगी हम सब उससे करना था अगर एसा ही , तो हमसे ये प्रेम का रिश्ता क्यू जोड़ा ? क्यू हमे अपने प्रेम के मोहजाल में फसाया ? जो हमे अकेला ही छोड़ना था । पूछेगी हम सब उससे तुम हम सब को जिंदा मारके कहा जा रहे हो ? यू हमे अकेला छोड़ तुम कहा जा रहे हो ? ( इतना पवित्र प्रेम ओर कहीं नहीं मिलेगा, - कान्हा से दूर होकर कोई भी जीना नहीं चाहती, - सारी ग्वालिनें निकल पड़ी है, - अभी तो आधी रात भी नहीं हुई ! - पर दिन ओर रात का किसे भान है यहां, - बस एक ही जिद है मनमे, में कान्हा को नहीं जाने दूंगी, में कान्हा को नहीं जाने दूंगी । ) मेरा कहना वो जरूर मानेगा, में हररोज उसे माखन देती हूं, वो सबसे ज्यादा मेरे ही घर आता है, देखना...देखना वो मुझे छोड़ के नहीं जाएगा । हम सब उसे अपनी कसमे देकर रोक लेगी, नहीं माने तो हम यही प्राण त्याग देगी । हा...हा हम सब यही करेगी ! हा... हम सब यही करेगी ! चलो मेरे साथ, हम सारी ग्वालिनें आज उसका रास्ता रोकेगी, देखती हूं में भी वो हम सब को छोड़ के कैसे जाता है । (- सहसा मा यशोदा के रोने की आवाज सुनाई दी, वो सब समझ गई, - लगता है कान्हा के जाने का वक्त हो गया है । -दिल में जो पीड़ा थी वो ओर भी बढ़ गई, - दिल की धड़कन मानो बंध होने लगी, - आंखे सभी की इतनी लाल है, जैसे आंखो से आंसू नहीं, परंतु रक्त की धार बह रही हो, - फर्भि मन को कठोर किए, - सारी ग्वालिनें रास्ते पर बैठी है, - मन में बस एक ही बात है... में कान्हा को नहीं जाने दूंगी, में कान्हा को नहीं जाने दूंगी, में कान्हा को नहीं जाने दूंगी । Speaker, Writer Daki Pradip (It's PD Show)
Follow Us





Post Navi

Post a Comment

0 Comments